JioHotstar पर ये 5 थ्रिलर सीरीज़ और फिल्में देखने लायक हैं, क्लाइमैक्स आपका दिमाग हिला देगा

JioHotstar पर ये 5 थ्रिलर सीरीज़ और फिल्में देखने लायक हैं, क्लाइमैक्स आपका दिमाग हिला देगा
द्वारा swapna hole पर 4.12.2025

जियो हॉटस्टार पर 2025 की शुरुआत में जारी हुए कुछ ऐसे क्राइम थ्रिलर्स हैं जो दर्शकों के दिमाग को घुमा देते हैं — न सिर्फ ट्विस्ट्स से, बल्कि इंसानी भावनाओं की गहराई से भी। JioHotstar पर उपलब्ध इन शोज़ और फिल्मों में एक्शन नहीं, बल्कि डर की एक ऐसी छाया है जो आपके सोने के बाद भी आपके सिर में घूमती रहती है। जनसत्ता की 4 जनवरी 2025 की रिपोर्ट के मुताबिक, इनमें से कुछ ऐसे हैं जो सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं, तो कुछ ऐसे जो आपको यकीन नहीं होगा कि ये फिक्शन है।

काला: कोलकाता की छाया में छिपा एक परिवार का राज

अविनाश तिवारी की अदाकारी के साथ शुरू होती है काला — एक ऐसी सीरीज़ जो आपको लगातार बताती रहती है कि कुछ गलत है। बेजॉय नाम्बियार ने निर्देशित यह शो कोलकाता की गलियों में बसा एक इंटेलिजेंस ब्यूरो ऑफिसर की कहानी है, जो हवाला रैकेट की जांच करते-करते खुद के परिवार के अंधेरे राजों का सामना करता है। यहाँ 'ड्यूटी बनाम परिवार' का द्वंद्व सिर्फ डायलॉग नहीं, बल्कि हर शॉट में छिपा हुआ है। नितिन महेश जोशी का किरदार आपको अचानक विश्वास करने लगाता है... और फिर उसकी आँखों में एक झलक देखकर आपका दिल रुक जाता है।

मर्डर इन महिम: जब समाज का दर्द खून में बहता है

मुंबई के महिम इलाके की गलियों में छिपा एक भयानक सीरियल मर्डर केस — यही है मर्डर इन महिम की कहानी। विजय राज और अशुतोष राणा की जोड़ी एक पुलिस अधिकारी और एक पत्रकार के रूप में वापस आती है, जिनका दोस्ती का रिश्ता लंबे समय से टूट चुका था। निर्देशक राज आचार्य ने इसे सिर्फ एक अपराध कथा नहीं बनाया, बल्कि एक सामाजिक टिप्पणी बना दिया। LGBTQIA+ समुदाय के खिलाफ हुए हत्याएं जिनके पीछे भेदभाव है, उन्हें बिना ड्रामा के दिखाया गया है — और इसलिए यह और भी डरावना है।

द्रश्यम और तलवार: जब फिल्में जिंदा घटनाएं बन जाएं

द्रश्यम अजय देवगन और तब्बू की अदाकारी के साथ एक ऐसी फिल्म है जिसे देखकर लोगों ने अपने घर के दरवाजे बंद कर लिए। विजय सालगांवकर का किरदार — एक साधारण पिता — जो अपनी बेटी को बचाने के लिए अपने आप को एक अपराधी बना लेता है। न्यूज़18 हिंदी की 2 सितंबर 2024 की रिपोर्ट में इसे "दिमाग भन्ना गया" बताया गया था। और फिर आती है तलवार — मेघना गुलजार की निर्देशित यह फिल्म नोएडा डबल मर्डर केस पर आधारित है। इरफान खान का सीबीआई अधिकारी बिना बड़े डायलॉग के भी आपके दिल पर राज कर जाता है। यह फिल्म आपको न्याय के बारे में सोचने पर मजबूर कर देती है।

प्रोजेक्ट Z और Ronth: एक्शन और रहस्य का जादू

प्रोजेक्ट Z — तेलुगु की सुपरहिट फिल्म 'PSV Garuda Vega' का हिंदी डब — एक ईमानदार पुलिस अफसर की कहानी है जो हाई-टेक क्राइम और एक राष्ट्रीय साजिश का सामना करता है। यहाँ एक्शन सीक्वेंस नहीं, बल्कि उनका तार्किक आधार आपको जकड़ लेता है। और फिर आती है Ronth — 2025 की वह थ्रिलर फिल्म जो 5 भाषाओं में उपलब्ध है और जिसकी अवधि 2 घंटे 1 मिनट है। U/A 16+ रेटिंग के साथ, यह फिल्म आपको अंत तक बांधे रखती है। एक ऐसा रहस्य जो शुरू में छोटा लगता है, लेकिन अंत में आपके जीवन के किसी अनजान पहलू को छू जाता है।

सर्च: द नैना मर्डर केस और मार्गन: जब राजनीति और नस्लवाद अपराध बन जाते हैं

सर्च: द नैना मर्डर केस में एक वेटरन कॉप एक ऐसे मामले में उलझ जाती है जहाँ एक लड़की राजनेता की कार में मृत पाई जाती है। कोई भी आरोपी नहीं, लेकिन हर कोई संदिग्ध। यह सीरीज़ आपको याद दिलाती है कि कितनी बार न्याय राजनीतिक दबाव में फंस जाता है। और फिर मार्गन — जहाँ रंगभेद से जुड़े मर्डर्स एक शहर को हिला देते हैं। एक्स-ADGP ध्रुव की ऑब्सेशन, एक मॉडल वेनिला को उजागर करने की कोशिश में उसके आत्मविश्वास को तोड़ देती है। यह फिल्म सिर्फ एक अपराध नहीं, बल्कि एक समाज की बीमारी है।

क्यों ये शोज़ इतने असरदार हैं?

इन सभी शोज़ और फिल्मों में एक सामान्य बात है — वे आपको नहीं बताते कि क्या हुआ, बल्कि आपको खुद सोचने देते हैं। नेटफ्लिक्स और अमेजन प्राइम वीडियो के थ्रिलर्स के बराबर ये शोज़ भी दर्शकों के दिमाग को चुनौती देते हैं। ABP लाइव की 1 सितंबर 2025 की रिपोर्ट के अनुसार, JioHotstar पर अब लगभग 17 क्राइम थ्रिलर सीरीज़ और फिल्में उपलब्ध हैं, जिनमें से 9 की रेटिंग 8.5/10 से ऊपर है। यूट्यूब चैनल ABHI KA REVIEW का वीडियो ‘टॉप 7 साउथ क्राइम थ्रिलर मूवीज इन 2025’ 101K व्यूज पाकर दर्शकों की रुचि का संकेत देता है।

क्या आगे कुछ आ रहा है?

जियो हॉटस्टार ने अगले छह महीनों में दो नई क्राइम थ्रिलर सीरीज़ का ऐलान किया है — एक दिल्ली-आधारित शो जो एक जासूस की गायब होने की कहानी बताएगा, और दूसरा जो एक गाँव में हुए एक बच्चे की लापता होने के मामले पर आधारित होगा। दोनों को निर्देशित कर रहे हैं उन्हीं निर्माताओं ने जिन्होंने 'काला' और 'मर्डर इन महिम' बनाए।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

क्या 'काला' और 'मर्डर इन महिम' दोनों सच्ची घटनाओं पर आधारित हैं?

'मर्डर इन महिम' महिम में हुए वास्तविक LGBTQIA+ हत्याओं से प्रेरित है, लेकिन किरदार और घटनाएँ काल्पनिक हैं। 'काला' पूरी तरह से फिक्शन है, लेकिन इसमें भारतीय इंटेलिजेंस ब्यूरो की कार्यप्रणाली और हवाला नेटवर्क के बारे में वास्तविक जानकारी शामिल है।

'Ronth' क्यों इतनी विशेष है?

'Ronth' एक दुर्लभ फिल्म है क्योंकि यह हिंदी, तमिल, तेलुगु, मलयालम और कन्नड़ में एक ही समय में जारी की गई है — एक दक्षिण भारतीय कहानी को उत्तर भारत तक पहुँचाने का एक बड़ा कदम। इसकी 2 घंटे 1 मिनट की अवधि और U/A 16+ रेटिंग इसे बड़े दर्शकों के लिए एक गहरा अनुभव बनाती है।

'तलवार' और 'द्रश्यम' में क्या अंतर है?

'तलवार' एक न्यायिक रिपोर्ट की तरह है — तथ्यों के आधार पर, बिना भावनाओं के। जबकि 'द्रश्यम' एक पिता की भावनात्मक यात्रा है, जहाँ न्याय के लिए गलत रास्ता अपनाना भी न्याय बन जाता है। एक न्याय की खोज है, दूसरी एक बच्चे की बचाव की लड़ाई।

क्या JioHotstar पर ये सभी शोज़ फ्री में देखे जा सकते हैं?

नहीं, ये सभी शोज़ और फिल्में JioHotstar के प्रीमियम प्लान में उपलब्ध हैं। हालाँकि, कुछ एपिसोड या ट्रेलर्स फ्री में देखे जा सकते हैं। अगर आप जियो प्लान के साथ हैं, तो कई शोज़ आपके डेटा पैकेज में शामिल हो सकते हैं।

'सर्च: द नैना मर्डर केस' क्यों इतना चर्चित है?

इसमें एक राजनेता की कार में मृत लड़की का मामला है — जिसमें कोई भी आरोपी नहीं, लेकिन हर कोई संदिग्ध। यह शो उस वास्तविकता को उजागर करता है जहाँ शक्ति और न्याय के बीच का अंतर नहीं दिखता। इसकी रिलीज के बाद ट्विटर पर #SearchNainaTrend ट्रेंड किया।

क्या इन थ्रिलर्स के लिए कोई देखने का क्रम सुझाया जा सकता है?

अगर आप भावनात्मक थ्रिलर से शुरू करना चाहते हैं, तो 'द्रश्यम' लें। फिर 'काला' और 'मर्डर इन महिम' से सामाजिक गहराई का अनुभव लें। अंत में 'Ronth' और 'मार्गन' के साथ आपका दिमाग एक नए स्तर पर तैर रहा होगा।

टिप्पणि

Senthil Kumar
Senthil Kumar

काला देख लिया, आखिरी एपिसोड में जब अविनाश ने अपने पिता की तरफ देखा तो मेरी आँखें भर आईं। बस इतना ही, बाकी सब बोल चुका है।

दिसंबर 5, 2025 AT 23:26
Ayushi Kaushik
Ayushi Kaushik

मर्डर इन महिम ने मुझे झकझोर दिया। ऐसे शोज़ देखने के बाद आप सोचते हैं कि शायद हम सब अपने घर के बाहर किसी की आवाज़ नहीं सुन पा रहे। ये सिर्फ एक थ्रिलर नहीं, एक दर्पण है।

दिसंबर 7, 2025 AT 07:54
Basabendu Barman
Basabendu Barman

सुनो, सब ये बता रहे हैं कि जियो हॉटस्टार पर थ्रिलर्स बढ़िया हैं, लेकिन क्या किसी ने ध्यान दिया कि इन सबके बाद नेटफ्लिक्स ने एक नया एल्गोरिथम लॉन्च किया है जो भारतीय थ्रिलर्स को ऊपर लाने के लिए डिज़ाइन किया गया है? ये सब एक बड़ा प्लान है। देखो, अगले महीने ही कोई नया शो आएगा जिसमें एक राज्यपाल की बेटी गायब होगी। तुम्हें यकीन है ये बेकार का ड्रामा है?

दिसंबर 7, 2025 AT 10:16
Krishnendu Nath
Krishnendu Nath

द्रश्यम देखा तो रात भर नींद नहीं आई। अजय देवगन का वो चेहरा जब वो बेटी के लिए आगे बढ़ रहा हो... बस इतना ही देख लो, बाकी सब खुद समझ जाओगे।

दिसंबर 8, 2025 AT 15:11
dinesh baswe
dinesh baswe

रोथ की अवधि लंबी है, लेकिन ये फिल्म वाकई एक अनुभव है। जब आप अंत तक पहुँचते हैं, तो आपको लगता है कि आपने अपने अतीत के कुछ टुकड़े ढूंढ लिए हैं। इस तरह के काम को देखना चाहिए, न कि बस देखना।

दिसंबर 9, 2025 AT 16:30
Boobalan Govindaraj
Boobalan Govindaraj

अगर आपने काला नहीं देखा तो आपने 2025 का सबसे बड़ा मौका चूक गया। इसकी डायलॉग्स और लाइटिंग बस एक बार देख लो, फिर आप भी इसे दोबारा देखने लगोगे। बस देखो, बस देखो।

दिसंबर 9, 2025 AT 22:18
mohit saxena
mohit saxena

तलवार और द्रश्यम का अंतर समझना जरूरी है। एक न्याय की तलाश है, दूसरा पिता की लड़ाई। दोनों अलग-अलग हैं, लेकिन दोनों आपको तोड़ देंगे।

दिसंबर 10, 2025 AT 22:56
Sandeep YADUVANSHI
Sandeep YADUVANSHI

ये सब शोज़ तो बहुत अच्छे हैं, लेकिन आप लोग भूल रहे हो कि ये सब बनाया गया है आपके दिमाग को घुमाने के लिए। असली थ्रिलर तो वो है जब आपको पता चले कि आपकी खुद की जिंदगी भी एक स्क्रिप्ट है।

दिसंबर 11, 2025 AT 06:24
Vikram S
Vikram S

ये सब फिल्में बहुत अच्छी हैं... लेकिन क्या आप जानते हैं कि इनमें से किसी भी फिल्म में एक भी राजनीतिक दल का सकारात्मक चित्रण नहीं है? ये सब एक बड़ी अंतर्राष्ट्रीय षड्यंत्र है जो भारतीय न्याय प्रणाली को बदनाम करने की कोशिश कर रहा है। ये फिल्में अमेरिकी एजेंसियों द्वारा फंड की जा रही हैं।

दिसंबर 12, 2025 AT 02:27
nithin shetty
nithin shetty

काला के एपिसोड 4 में जब बेजॉय ने अपने दोस्त के साथ चाय पी रखी थी और पीछे वाली खिड़की में एक छाया दिखी... वो शॉट आपको नहीं दिखा तो आपने पूरी सीरीज़ गंवा दी। वो छाया असल में एक इंटेलिजेंस ऑफिसर था जो अविनाश को ट्रैक कर रहा था।

दिसंबर 12, 2025 AT 08:37
Aman kumar singh
Aman kumar singh

ये सब शोज़ देखने के बाद लगता है कि हमारी फिल्में अब दुनिया के सामने खड़ी हो रही हैं। भारत की कहानियाँ अब दुनिया को झकझोर रही हैं। गर्व होता है।

दिसंबर 12, 2025 AT 11:10
UMESH joshi
UMESH joshi

क्या हम अपने जीवन में भी ऐसे ही ट्विस्ट्स के बीच चल रहे हैं? जब हम सोचते हैं कि हम न्याय की ओर बढ़ रहे हैं, तो शायद हम अपने ही अंधेरे को ढूंढ रहे हों। ये फिल्में सिर्फ दर्शकों को नहीं, बल्कि हमें खुद को देखने के लिए बाध्य करती हैं।

दिसंबर 13, 2025 AT 07:58
pradeep raj
pradeep raj

इन थ्रिलर्स के विश्लेषण के लिए हमें एक सामाजिक-सांस्कृतिक-सामान्य-व्यक्तिगत-मनोवैज्ञानिक-न्यायिक-राजनीतिक-काल्पनिक-वास्तविक-साक्ष्य-प्रमाण-निर्माण-संरचना-सांस्कृतिक-प्रतिनिधित्व-आधारित ढांचे की आवश्यकता है जो न केवल विषय के गहराई में जाए, बल्कि उसके अंतर्निहित शक्ति संरचनाओं, सामाजिक असमानताओं, न्याय के बहिष्कार, और राष्ट्रीय नारेश के अध्ययन को भी शामिल करे। यह एक बहुआयामी अध्ययन है जिसे एकल-आयामी दृष्टिकोण से नहीं समझा जा सकता।

दिसंबर 13, 2025 AT 18:09
Vishala Vemulapadu
Vishala Vemulapadu

रोथ की रेटिंग 8.7 है? नहीं भाई, ये तो बस एक फिल्म है। मैंने देखी, बहुत ज्यादा नहीं था। बस एक लंबी कहानी थी।

दिसंबर 14, 2025 AT 14:18
M Ganesan
M Ganesan

ये सब शोज़ बनाने वाले लोग भारत को बदनाम करने के लिए बैठे हैं। अपराध को दिखाकर वो देश की छवि खराब कर रहे हैं। ये फिल्में बनाने वालों को जेल भेज देना चाहिए।

दिसंबर 16, 2025 AT 00:11
ankur Rawat
ankur Rawat

मैंने सर्च: द नैना मर्डर केस देखा और उसके बाद अपने दोस्त को बुलाकर बात की। हम दोनों ने अपने जीवन के कुछ फैसलों के बारे में सोचा। शायद यही तो असली थ्रिलर है - जब आपकी खुद की जिंदगी आपके सामने खुल जाए।

दिसंबर 16, 2025 AT 04:10
Vraj Shah
Vraj Shah

काला देखा तो रात भर उल्टा सीधा चलता रहा। अब हर आवाज़ पर डर लगता है। लेकिन अच्छा लगा।

दिसंबर 18, 2025 AT 04:05
Kumar Deepak
Kumar Deepak

अच्छा लगा कि आप लोग इतने उत्साहित हैं। मैंने तो द्रश्यम देखा और अपने बच्चे के लिए दरवाजा बंद कर दिया। और फिर नेटफ्लिक्स पर एक रोमांचक कॉमेडी चलाई।

दिसंबर 18, 2025 AT 05:20
Ganesh Dhenu
Ganesh Dhenu

मर्डर इन महिम ने मुझे याद दिलाया कि शहर की गलियों में अभी भी बहुत कुछ छिपा है। शायद हम सब इसे देखने से डरते हैं।

दिसंबर 19, 2025 AT 18:06
Rahul Sharma
Rahul Sharma

द्रश्यम के बाद मैंने अपने बेटे से बात की। उसने कहा, 'पापा, अगर कोई मुझे छूता है तो मैं तुम्हें बताऊंगा।' उस दिन मैंने सोचा कि ये फिल्में सिर्फ मनोरंजन नहीं, बल्कि सावधानी की घंटी हैं।

दिसंबर 20, 2025 AT 04:11

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