लखनऊ में 18 दिसंबर को घना कोहरा, दोपहर तक आसमान साफ़ होगा और अधिकतम तापमान 20°C

लखनऊ में 18 दिसंबर को घना कोहरा, दोपहर तक आसमान साफ़ होगा और अधिकतम तापमान 20°C
द्वारा swapna hole पर 18.12.2025

दिसंबर के बीचों-बीच लखनऊ की सुबह धुंधली हो गई — इतनी घनी कि सड़कों पर चलने वाले लोगों को अपने आगे की दूरी समझने में दिक्कत हो रही थी। नदी के किनारे बैठे लोगों ने कहा कि ये कोहरा बस इतना घना था कि दूर की इमारतें गायब हो गईं, जैसे कोई रहस्यमयी चादर उन्हें ढक रही हो। लेकिन दोपहर तक ये धुंध धीरे-धीरे उड़ गई, और आसमान साफ़ हो गया। नेटीव वेदर ने बताया कि आज, 18 दिसंबर 2025, लखनऊ का न्यूनतम तापमान 12°C रहा, जबकि अधिकतम 20°C तक पहुंचा। दोपहर 3:39 बजे तापमान 17°C था, लेकिन नमी और हवा के कारण ये 18°C जैसा महसूस हो रहा था।

कोहरा का राज़ और वायुगुणवत्ता

लखनऊ में दिसंबर के शुरूआती दिनों में घना कोहरा आम बात है, लेकिन इस बार ये खास तौर पर लंबा और घना रहा। एक्यूवेदर और एक्यूआई.इन दोनों ने बताया कि हवा की गति केवल 5-6 किमी/घंटा थी, जो धुंध को उड़ाने के बजाय जमा करती रही। आर्द्रता 71.5% तक रही, जबकि एक्यूआई.इन के अनुसार दोपहर तक ये 35% तक गिर गई। ये बदलाव दिखाता है कि दिन के शुरूआती हिस्से में जमीन से निकलने वाली नमी ठंडी हवा के साथ घुलकर कोहरा बन गई। वायु गुणवत्ता अच्छी रही — एक्यूआई.इन के अनुसार एयर क्वालिटी इंडेक्स (AQI) 78 रहा, जो 'संतोषजनक' श्रेणी में आता है। ये बात अच्छी है, क्योंकि लखनऊ में अक्सर दिसंबर में कोहरे के साथ धुएं का मिश्रण हो जाता है।

विभिन्न मौसम सेवाओं के बीच अंतर: क्यों अलग-अलग अनुमान?

इस दिन के लिए मौसम के अनुमान अलग-अलग स्रोतों पर अलग थे। एमेटचेक.कॉम ने 6°C का अधिकतम तापमान बताया — जो लखनऊ के भौगोलिक निर्देशांक (26.8°N, 80.9°E) के अनुसार लगभग असंभव है। यह गलती शायद एक डेटा एंट्री की गलती के कारण हुई, क्योंकि उनकी वेबसाइट पर लखनऊ के लिए गलत अक्षांश और देशांतर (56.49°N, -2.78°E) दिखाया गया था, जो यूके के एक छोटे शहर के निर्देशांक हैं। वहीं, वेदर25.कॉम और ईज़ीवेदर.कॉम ने 23-24°C का अधिकतम तापमान बताया, जो थोड़ा अधिक अनुमानित लगता है। नेटीव वेदर और एक्यूवेदर के अनुमान, जो भारतीय वातावरण के अनुभव के आधार पर बनाए गए, अधिक विश्वसनीय लगते हैं। ये सब दिखाता है कि स्थानीय डेटा और स्थानीय वायुमंडलीय शर्तों को समझना महत्वपूर्ण है।

दिसंबर का वास्तविक चेहरा: सूखा, धूप और धीरे-धीरे गर्मी

लखनऊ में दिसंबर आमतौर पर सूखा और धूप भरा महीना होता है। वेदर25.कॉम के अनुसार, इस महीने में लगभग 25 दिन सूरज चमकता है, केवल एक दिन बादल छाते हैं, और केवल 5 दिनों में बारिश होती है — जिसकी कुल मात्रा केवल 4 मिलीमीटर होती है। आज जैसे दिनों में धूप बहुत अच्छी रहती है — दिन भर लगभग 11.8 घंटे तक। इस बार तापमान में धीरे-धीरे वृद्धि हो रही है। नेटीव वेदर के अनुसार, 18 दिसंबर के बाद तापमान लगातार बढ़ रहा है: 19 दिसंबर — 20°C, 20 दिसंबर — 20°C, 21 दिसंबर — 21°C, 22 दिसंबर — 22°C, और 23 दिसंबर — 23°C। इसके बाद थोड़ा गिरकर 24 दिसंबर को 21°C हो जाएगा। ये वृद्धि उत्तर भारत के लिए असामान्य नहीं है — जब दक्षिणी चक्रवात दूर हो जाते हैं, तो धीरे-धीरे गर्मी लौटती है।

अंतिम दिनों में तापमान क्या होगा?

क्लाइमेट-डेटा.ऑर्ग के अनुसार, दिसंबर के अंत तक लखनऊ का अधिकतम तापमान 21.6°C तक पहुंच सकता है, जबकि न्यूनतम 9°C तक गिर सकता है। यह अनुमान एक्यूवेदर और वेदर25.कॉम के अनुमानों के साथ मेल खाता है, जिन्होंने 25°C तक के अधिकतम तापमान का अनुमान लगाया है। ये बदलाव इस बात की ओर इशारा करता है कि दिसंबर के अंत में अचानक गर्मी नहीं, बल्कि धीमी, स्थिर वृद्धि हो रही है। यह भी दिखाता है कि दिसंबर के पहले 10 दिनों में औसत अधिकतम तापमान 18°C था, जबकि अंत में ये 21-22°C हो गया। इसका मतलब है कि अगर आप दिसंबर के अंत में लखनऊ आएं, तो आपको ठंड नहीं, बल्कि शाम को थोड़ी ठंड और दिन में आरामदायक गर्मी महसूस होगी।

क्या ये बदलाव जलवायु परिवर्तन का हिस्सा है?

एक वातावरण विशेषज्ञ ने बताया कि लखनऊ में दिसंबर के अंत में तापमान में वृद्धि पिछले 15 वर्षों में एक ट्रेंड बन गई है। पिछले दशक में, दिसंबर के अंत में 20°C से अधिक तापमान दुर्लभ था — अब ये आम हो गया है। इसका कारण शहरीकरण, नीले बादलों की कमी, और उत्तर भारत में जलवायु चक्र के बदलाव हो सकता है। यह नहीं कहा जा सकता कि ये एक बड़ी जलवायु घटना है, लेकिन ये एक छोटा संकेत है कि शीतकाल के दिन लंबे हो रहे हैं। लोगों को अपने बर्फ के जैकेट निकालने की जरूरत नहीं है — बल्कि एक हल्का स्वेटर और एक गर्म चाय की कप लेना काफी है।

क्या आगे कुछ अप्रत्याशित हो सकता है?

अगले 48 घंटों में कोहरा वापस आ सकता है, खासकर अगर हवा शांत हो जाए। लेकिन अगर दिसंबर के अंत तक तापमान 25°C तक पहुंच जाता है, तो यह अप्रत्याशित नहीं होगा। लोग अब दिसंबर के अंत में बाइक पर चलने के लिए जैकेट की जगह फैशनेबल जैकेट पहनने लगे हैं। बच्चे बाहर खेल रहे हैं, और बुजुर्ग बगीचे में बैठे हैं। ये वास्तविकता है — शीतकाल का दिन अब बर्फ नहीं, बल्कि धूप और चाय का है।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

लखनऊ में दिसंबर में कोहरा क्यों इतना घना होता है?

दिसंबर में लखनऊ में कोहरा घना होता है क्योंकि जमीन रात में तेजी से ठंडी हो जाती है, जबकि हवा शांत रहती है। इससे जमीन से निकलने वाली नमी हवा में घुलकर छोटे पानी के कण बनाती है, जो धुंध बन जाती है। शहरी क्षेत्रों में अधिक नमी और धूल के कण इसे और घना बनाते हैं।

दिसंबर 2025 में लखनऊ का तापमान कैसे बदल रहा है?

18 दिसंबर को अधिकतम तापमान 20°C था, लेकिन अगले 5 दिनों में ये 23°C तक पहुंच जाएगा। यह धीमी, स्थिर वृद्धि है, जो पिछले 10-15 वर्षों में एक ट्रेंड बन गई है। अब दिसंबर के अंत में 25°C तक का तापमान असामान्य नहीं है।

क्या लखनऊ में दिसंबर में बारिश होती है?

नहीं, दिसंबर में लखनऊ में बारिश बहुत कम होती है। औसतन सिर्फ 4 मिलीमीटर बारिश होती है, और इस महीने में केवल 5 दिनों में ही बारिश होती है। इस वर्ष भी 18 दिसंबर को बारिश का कोई अनुमान नहीं है।

क्या दिसंबर के अंत में गर्मी बढ़ने का कारण जलवायु परिवर्तन है?

जलवायु परिवर्तन का एक योगदान हो सकता है, लेकिन शहरीकरण और नीले बादलों की कमी भी महत्वपूर्ण हैं। लखनऊ में पिछले 15 वर्षों में शीतकाल के अंत में तापमान लगभग 2-3°C बढ़ गया है। यह एक छोटा संकेत है कि शीतकाल लंबा हो रहा है, लेकिन यह अभी भी एक वैश्विक घटना नहीं है।

लखनऊ में दिसंबर में कितने घंटे धूप चमकती है?

दिसंबर में लखनऊ में औसतन 11.8 घंटे धूप चमकती है। इस महीने में 25 दिन सूरज चमकता है, और केवल एक दिन बादल छाते हैं। यह भारत के अन्य शहरों की तुलना में बहुत अच्छा अनुपात है।

क्या मौसम वेबसाइटों के अनुमान भरोसेमंद हैं?

भारतीय स्रोत जैसे नेटीव वेदर और एक्यूआई.इन अधिक भरोसेमंद हैं, क्योंकि वे स्थानीय डेटा और वायुमंडलीय शर्तों को ध्यान में रखते हैं। विदेशी स्रोत जैसे मेटचेक.कॉम ने लखनऊ के गलत निर्देशांक दिखाए हैं, जिससे उनके अनुमान गलत हैं।

टिप्पणि

Saileswar Mahakud
Saileswar Mahakud

ये कोहरा तो लखनऊ की सुबह का अपना ही अंदाज़ है भाई। जैसे कोई धुंधली सी चादर उड़ रही हो, और फिर दोपहर को धूप निकल आए - बस एक चाय के साथ बैठकर देखने के लायक।

दिसंबर 19, 2025 AT 12:02
Firoz Shaikh
Firoz Shaikh

इस दिन का मौसम विश्लेषण वास्तव में उत्कृष्ट है - न केवल तापमान के आंकड़े, बल्कि वायुगुणवत्ता और नमी के संबंधों को समझाने का तरीका भी बहुत सूक्ष्म है। एमेटचेक की गलत निर्देशांक वाली गलती तो बहुत हंसी आ गई, लेकिन यही बात बताती है कि स्थानीय डेटा का महत्व कितना अधिक है। एक्यूवेदर और नेटीव वेदर के अनुमान असली ज़मीनी हकीकत को दर्शाते हैं। शहरीकरण के कारण दिसंबर का तापमान धीरे-धीरे बढ़ रहा है, यह एक छोटा सा संकेत है, लेकिन जलवायु परिवर्तन का एक अनिवार्य लक्षण। अगर हम इसे नज़रअंदाज़ कर दें, तो अगले पीढ़ी के लिए यह बड़ी समस्या बन सकती है।

दिसंबर 19, 2025 AT 12:11
Uma ML
Uma ML

ये सब लिखा है क्या? असल में लखनऊ में दिसंबर में 25°C तापमान आना बिल्कुल भी अजीब नहीं है - आप लोग अभी भी ठंड के बारे में अंग्रेजी बुक्स से सीख रहे हैं? हमारे यहां तो पिछले 5 साल से दिसंबर में बाइक पर जैकेट नहीं पहनते, बल्कि फैशनेबल टी-शर्ट पहनते हैं। और अगर आपको लगता है कि ये जलवायु परिवर्तन है, तो आपको शायद गूगल पर भारतीय मौसम डेटा ढूंढना चाहिए - न कि वेस्टर्न साइट्स पर भरोसा करना।

दिसंबर 20, 2025 AT 16:57
Rakesh Pandey
Rakesh Pandey

दिसंबर का ये तापमान बढ़ना अच्छा है लगता है... बर्फ नहीं बल्कि धूप और चाय... ऐसा लगता है जैसे ठंड ने अपना रूप बदल लिया है। कोहरा भी अच्छा लगता है अगर आप बाहर न जाएं तो।

दिसंबर 21, 2025 AT 00:24
Ayushi Kaushik
Ayushi Kaushik

इस लेख में जो भी बताया गया है, वो बहुत स्पष्ट और संवेदनशील तरीके से है। खासकर जब बात आती है लोगों के दैनिक जीवन की - बच्चे बाहर खेल रहे हैं, बुजुर्ग बगीचे में बैठे हैं। ये छोटे-छोटे दृश्य ही तो सच्चाई को दर्शाते हैं। और हां, जब तक हम अपने स्थानीय मौसम सेवाओं पर भरोसा करेंगे, तब तक हम गलत अनुमानों से बचेंगे। अगर आप लखनऊ के लिए यूके के निर्देशांक देख रहे हैं, तो आपको शायद अपनी गूगल सर्च बदलनी चाहिए।

दिसंबर 21, 2025 AT 03:41
Basabendu Barman
Basabendu Barman

सुनो, ये सब जलवायु परिवर्तन का शोर नहीं है - ये सब गुप्त रूप से एक बड़ा नियोजन है। आप नहीं जानते, लेकिन ये तापमान बढ़ने का असली कारण वही है जो सरकार छिपा रही है - लखनऊ के नीचे एक गर्म ज्वालामुखी चल रहा है, जिसके बारे में नेटीव वेदर जानता है, लेकिन बोल नहीं पा रहा। और ये वो दिन है जब वो लोग जो अंग्रेजी वाले वेबसाइट्स पर भरोसा करते हैं, उन्हें बताया जाएगा कि वो सब झूठ था।

दिसंबर 22, 2025 AT 10:30
Krishnendu Nath
Krishnendu Nath

ये लेख तो बहुत बढ़िया है भाई! अगर आप लोग अभी भी दिसंबर में बर्फ के जैकेट पहन रहे हैं तो आपको अपनी लाइफ स्टाइल अपग्रेड करने की जरूरत है! दिसंबर के अंत में 25°C तापमान? बस एक फैशनेबल जैकेट और एक चाय का कप - जिंदगी बदल गई! आज दोपहर मैंने बाइक पर चलकर गली में एक बच्चे को देखा जो बिना जैकेट के खेल रहा था - ये ही असली भारत है!

दिसंबर 23, 2025 AT 08:39
Boobalan Govindaraj
Boobalan Govindaraj

इस लेख को पढ़कर मुझे बहुत उत्साह हुआ - दिसंबर का ये नया रूप बहुत खूबसूरत है। अगर आप लोग अभी भी ठंड से डर रहे हैं, तो आपको बस एक बार लखनऊ की दोपहर की धूप में बैठना होगा। चाय का कप, धूप का गर्मपन, और एक शांत बातचीत - ये ही असली शीतकाल है। अगर आप इसे नहीं जी पा रहे, तो आपको अपनी नजरें बदलनी होंगी। आप जो चाहते हैं, वो आपके आसपास है - बस देखना है।

दिसंबर 24, 2025 AT 07:07
mohit saxena
mohit saxena

एमेटचेक का गलत निर्देशांक वाला एरर तो बहुत हास्यास्पद है - लखनऊ को यूके के एक छोटे शहर के निर्देशांक दे दिए? ये तो बिल्कुल बकवास है। अगर आप भारतीय मौसम देखना चाहते हैं, तो नेटीव वेदर या एक्यूवेदर जैसी साइट्स पर जाएं। और हां, दिसंबर में 25°C आना अब असामान्य नहीं है - मैंने अपने घर के बाहर बर्फ के जैकेट पहनकर चलने वाले एक आदमी को देखा था - वो अपने घर में रह गया।

दिसंबर 24, 2025 AT 08:32
Sandeep YADUVANSHI
Sandeep YADUVANSHI

अरे ये सब लिखा है क्या? दिसंबर में तापमान 25°C हो गया? तो फिर ये कोहरा क्या है? ये तो बस एक बड़ा गलत अनुमान है - और आप लोग इसे सच मान रहे हैं? मैंने तो लखनऊ में जब तक रहा, कभी दिसंबर में 20°C से ज्यादा नहीं देखा। ये सब बहुत गलत है - आप लोग तो बस एक गलत डेटा पर भरोसा कर रहे हैं।

दिसंबर 24, 2025 AT 10:56
Uma ML
Uma ML

अरे ये सब लिखा है क्या? अगर आपको लगता है कि दिसंबर में तापमान 25°C आना असामान्य है, तो आपको शायद अपनी आंखें खोलनी चाहिए। मैंने तो इस साल दिसंबर के अंत में बाइक पर चलते हुए एक आदमी को देखा जो फैशनेबल जैकेट पहने हुए था - और वो बस एक चाय के साथ बैठा था। आप लोग अभी भी ठंड के बारे में बुक्स पढ़ रहे हैं? ये नहीं है बर्फ का दिन - ये है धूप का दिन।

दिसंबर 24, 2025 AT 12:02

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