Vikram Solar के IPO पर 54.63 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन, QIB ने दिखाया जबरदस्त एंट्री

Vikram Solar के IPO पर 54.63 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन, QIB ने दिखाया जबरदस्त एंट्री
द्वारा swapna hole पर 7.10.2025

जब Vikram Solar Limited ने 21 अगस्त 2025 को अपना आईपीओ बंद किया, तो निवेशकों की प्रतिक्रिया आश्चर्यजनक थी – कुल सब्सक्रिप्शन 54.63 गुना हो गया। मुख्य आकर्षण था Qualified Institutional Buyers (QIB) का 142.79 गुना बड़ना, जबकि रिटेल और नॉन‑इंस्टीट्यूशनल निवेशकों ने भी क्रमशः 7.65 और 50.9 गुना सब्सक्रिप्शन दर्शाया। यह आंकड़े न केवल कंपनी की हिस्सेदारी की माँग को उजागर करते हैं, बल्कि भारत के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में बढ़ती भरोसेमंदिता को भी संकेत देते हैं।

IPO का सारांश और कीमत‑बैंड

तीन‑दिन की बुकिंग अवधि (19‑21 अगस्त 2025) के दौरान, शेयर मूल्य ₹315‑₹332 के बैंड में निर्धारित किए गए थे, प्रत्येक लॉट में 45 शेयर होते थे। कुल 6,26,31,605 शेयरों का ऑफर किया गया, जिसमें प्रमुख वर्गीकरण इस प्रकार था:

  • ऐंकर निवेशक: 1,86,99,120 शेयर (29.86 %)
  • कर्मचारी आरक्षित: 3,01,205 शेयर (0.48 %)
  • नॉन‑इंस्टीट्यूशनल निवेशक: 93,49,560 शेयर (14.93 %)
  • QIB: 1,24,66,080 शेयर (19.90 %)
  • रिटेल व्यक्तिगत निवेशक: 2,18,15,640 शेयर (34.83 %)

न्यूनतम निवेश राशि ₹14,940 (एक लॉट) थी, जिससे मध्यम वर्गीय निवेशकों के लिए भी प्रवेश संभव हुआ।

बाजार की प्रतिक्रिया और सब्सक्रिप्शन पैटर्न

पहले दिन (19 अगस्त) कुल सब्सक्रिप्शन मात्र 1.52 गुना था, जो दूसरे दिन 4.57 गुना तक बढ़ा, और अंतिम दिन 54.63 गुना पर पहुँच गया। QIB का शुरुआती भागीदारी 0.02 गुना से लेकर 0.11 गुना (दूसरा दिन) तक धीरे‑धीरे बढ़ा, लेकिन अंतिम दिन 142.79 गुना की जबरदस्त छलाँग के साथ शिखर पर पहुँचा। यह उछाल कई बड़े संस्थागत फंडों के अचानक बड़े ऑर्डर को दर्शाता है, जिन्होंने भारत के सौर शक्ति उत्पादन में आगे बढ़ते अवसरों को पहचान लिया।

प्रमुख प्रमोटर और ऑफर‑फॉर‑सेल (OFS) घटक

ओएफएस भाग में Vikram Capital Management Private Limited के साथ दो प्रमुख शख़्सियतें शामिल थीं: Anil Chaudhary और Gyanesh Chaudhary। उन्होंने कुल ₹579.37 करोड़ मूल्य के शेयर बेचे, जिससे प्रमोटर्स को उनके मूलधन का पुनर्स्थापन हुआ। इस अवधि में कुल बंडल राशि ₹2,079.37 करोड़ थी, जिसमें ₹1,500 करोड़ नई इक्विटी जारी करके फंड जुटाए गए और शेष ₹579.37 करोड़ ऑन‑लीस बिक्री के रूप में आया।

विकास योजना, क्षमता विस्तार और वित्तीय उपयोग

विक्रम सोलर, 2009 में स्थापित, वर्तमान में 3.50 GW उत्पादन क्षमता रखता है, जो शुरुआती 12 MW से कहीं अधिक बढ़ गया है। कंपनी ने FY‑26 तक 10.50 GW और FY‑27 तक 15.50 GW क्षमता हासिल करने की योजना बनाई है। इस लक्ष्य में खास कर तमिलनाडु में 3 GW सोलर सेल निर्माण संयंत्र की स्थापना शामिल है, जिससे स्थानीय रोजगार और तकनीकी कौशल दोनों को बढ़ावा मिलेगा।

नई इक्विटी के माध्यम से जुटाई गई राशि का उपयोग मुख्यतः दो चरणों वाले प्रोजेक्ट – VSL Green Power Pvt Ltd – के लिए किया जाएगा। चरण‑I के लिए ₹769.73 करोड़ की पूंजी आवश्यकता है, और शेष राशि सामान्य कॉरपोरेट कार्यों के लिए रखी जाएगी। इससे कंपनी को न केवल मौजूदा उत्पादन लाइनों को अपडेट करने का मौका मिलेगा, बल्कि सौर मॉड्यूल की वैरायटी, जैसे इन्वर्टर और क्लीनिंग सिस्टम, को भी बढ़ावा मिलेगा।

सूचीबद्धता, प्री‑मार्केट प्रीमियम और भविष्य की संभावनाएँ

शेयरों की अलॉटमेंट प्रक्रिया 22 अगस्त को पूरी हुई और 26 अगस्त को दोनों NSE और BSE पर लिस्टेड हुए। प्रारंभिक ट्रेडिंग में NSE पर 2 % प्रीमियम (₹338) दिखा, जबकि ग्रे मार्केट में यह प्रीमियम 14 % तक पहुँच गया, जो निवेशकों के प्रति भरोसे को स्पष्ट रूप से दर्शाता है।

विश्लेषकों का मानना है कि इस IPO ने नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में निजी पूंजी के प्रवाह को तेज़ किया है। जब भारत सरकार ने 2030 तक 450 GW नवीकरणीय क्षमता का लक्ष्य रखा है, तो विक्रम सोलर जैसी कंपनियों को पर्याप्त वित्तीय समर्थन मिलता है, जिससे बड़े‑पैमाने पर सोलर फार्म और औद्योगिक समाधान संभव हो पाते हैं।

बहु‑स्तरीय प्रतिक्रिया: संस्थागत, रिटेल और विशेषज्ञों की राय

संसाधित डेटा के अनुसार, QIB ने 142.79 गुना सब्सक्रिप्शन करके अपने विश्वास का इशारा किया, जबकि रिटेल निवेशकों ने 7.65 गुना भागीदारी दिखायी। नॉन‑इंस्टीट्यूशनल वर्ग ने 50.9 गुना हिस्सेदारी धर ली। एक प्रमुख म्यूचुअल फंड मैनेजर ने कहा: “विक्रम सोलर का प्रोडक्शन स्केल और भविष्य की क्षमता, विशेषकर तमिलनाडु में नई इकाई, हमें इस IPO में भारी भागीदारी करने को प्रेरित किया।”

एक रिटेल निवेशक ने बताया कि ₹14,940 के कम निवेश में वे कंपनी के दीर्घकालिक ग्रोथ में भरोसा रखते हैं, विशेषकर सरकार के सौर मिशन के समर्थन से।

आगे क्या उम्मीद करें?

आगामी महीनों में कंपनी को दो प्रमुख चरणों के निर्माण कार्य शुरू करना है, साथ ही नई सॉलर सेल तकनीक के परीक्षण और अनुदान प्राप्त करने की प्रक्रिया में है। यदि योजना के अनुसार उत्पादन क्षमता 15.50 GW तक पहुँचती है, तो विक्रम सोलर भारत के शीर्ष तीन सौर मॉड्यूल निर्माताओं में स्थान बना लेगा। इस सन्दर्भ में, नीतिगत समर्थन, विशेषकर फेडरल सोलर टारिफ में कटौती और स्टोरेज समाधान पर R&D की बढ़ती प्राथमिकता, कंपनी के लिए बड़ी अवसर लाएगी।

अक्सर पूछे जाने वाले प्रश्न

Vikram Solar के IPO में किस वर्ग के निवेशकों ने सबसे अधिक हिस्सेदारी ली?

Qualified Institutional Buyers (QIB) ने 142.79 गुना सब्सक्रिप्शन करके सबसे अधिक हिस्सेदारी ली। यह आंकड़ा कुल सब्सक्रिप्शन 54.63 गुना का अत्यधिक हिस्सा दर्शाता है, जो संस्थागत विश्वास को रेखांकित करता है।

IPO से जुटाए गए फंड का प्रमुख उपयोग क्या है?

फंड का मुख्य हिस्सा VSL Green Power Pvt Ltd के Phase‑I और Phase‑II प्रोजेक्ट्स में निवेश हेतु प्रयोग होगा, जिसमें लगभग ₹769.73 करोड़ का कैपेक्स शामिल है। शेष राशि कंपनी के सामान्य कॉरपोरेट कार्यों के लिए रखी गई है।

विक्रम सोलर की भविष्य की उत्पादन क्षमता क्या है?

वर्तमान में 3.50 GW स्थापित क्षमता के साथ, कंपनी FY‑26 तक 10.50 GW और FY‑27 तक 15.50 GW तक उत्पादन क्षमता बढ़ाने की योजना बना रही है, जिसमें तमिलनाडु में 3 GW की नई सोलर सेल प्लांट मुख्य है।

शेयरों की लिस्टिंग पर किस प्रीमियम पर ट्रेड हुआ?

26 अगस्त को NSE पर शेयरों ने लगभग 2 % प्रीमियम पर ट्रेडिंग शुरू की, यानी ₹338 प्रति शेयर। ग्रे मार्केट में यह प्रीमियम 14 % तक पहुँच गया, जो निवेशकों के सकारात्मक सेंटिमेंट को दर्शाता है।

क्या इस IPO का भारतीय सौर उद्योग पर कोई व्यापक प्रभाव पड़ेगा?

हां। यह IPO निजी निवेश को नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्र में आकर्षित कर रहा है, जिससे बड़ी क्षमताओं वाली प्रोजेक्ट्स तेज़ी से शुरू हो पाएँगी। साथ ही, सरकारी सौर लक्ष्य के साथ मिलकर, यह कंपनी को तकनीकी नवाचार और कार्यस्थल सृजन में महत्वपूर्ण भूमिका देने के लिए प्रेरित करेगा।

टिप्पणि

Uday Kiran Maloth
Uday Kiran Maloth

विक्रम सोलर का IPO भारत के नवीकरणीय ऊर्जा परिदृश्य में एक महत्वपूर्ण माइलस्टोन दर्शाता है, विशेषकर जब 54.63 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन हासिल हुआ। इस स्तर की डिमांड मुख्यतः QIB की मजबूत बुक‑बिल्डिंग से प्रेरित थी, जिसका अर्थ है संस्थागत पोर्टफोलियो में सौर ऊर्जा को एक बैनर निवेश माना जा रहा है। बुक‑रन के दौरान, अंडरराइटिंग प्रोसेस ने लक्षणीय रूप से सक्रिय सहभागिता देखी, जिससे कपिटल गैप को प्रभावी रूप से भरना संभव हुआ। मूल्य बैंड ₹315‑₹332 के बीच निर्धारित होने के कारण रिटेल निवेशकों को भी एंट्री लेवल का फायदा मिला। इस IPO से जुटाई गई पूंजी का 70% प्रोजेक्ट फाइनेंसिंग, विशेषकर VSL Green Power के फेज‑I में निवेश के लिए अलॉट किया जाएगा। इस प्रकार, कंपनी की भविष्य की उत्पादन क्षमता 15.5 GW तक विस्तारित होने की रणनीति को ठोस फाइनेंशियल बेकिंग मिलती है। सरकार द्वारा 2030 तक 450 GW नवीकरणीय लक्ष्य निर्धारित करने के साथ, ऐसी कंपनियों के लिए फंडिंग की लिक्विडिटी बढ़ेगी। कुल मिलाकर, यह IPO न केवल इक्विटी मार्केट को सुदृढ़ करता है, बल्कि भारत की क्लीन एनेर्जी इकोसिस्टम में निजी पूंजी के प्रवाह को भी तेज़ करता है।

अक्तूबर 7, 2025 AT 20:19
Deepak Rajbhar
Deepak Rajbhar

वाह, अब तो QIB कीां हाथ में हथौड़ा लेके शेयर बंधक दे रहे हैं! 😏

अक्तूबर 14, 2025 AT 18:59
Hitesh Engg.
Hitesh Engg.

विक्रम सोलर का IPO वास्तव में एक केस स्टडी है कि कैसे एक कंपनी अपने स्केलेबिलिटी को एक ही इवेंट में प्रदर्शित कर सकती है। सबसे पहले, यह उल्लेखनीय है कि कंपनी ने अपनी मौजूदा 3.5 GW क्षमता को FY‑26 तक 10.5 GW और FY‑27 तक 15.5 GW तक बढ़ाने का लक्ष्य रखा है, जो कि अत्यधिक महत्वाकांक्षी है। इस विस्तार में तमिलनाडु में 3 GW की नई सोलर सेल प्लांट शामिल है, जो न केवल उत्पादन बढ़ाएगा बल्कि स्थानीय रोजगार भी सृजित करेगा। IPO के दौरान 54.63 गुना ओवरसब्सक्रिप्शन प्राप्त करना दर्शाता है कि बाजार में नवीकरणीय ऊर्जा की मांग अत्यधिक बढ़ी हुई है। विशेष रूप से, QIB ने 142.79 गुना सब्सक्रिप्शन करके इस सेक्टर में संस्थागत विश्वास को प्रकट किया, जो कि एक मजबूत संकेतक है। रिटेल निवेशकों का भी सहभागिता 7.65 गुना रहा, जिसका मतलब है कि मध्यम वर्गीय निवेशकों को भी इस अवसर से जुड़ने की इच्छा है। निधियों के उपयोग की योजना स्पष्ट है; लगभग ₹769.73 करोड़ को VSL Green Power के फेज‑I प्रोजेक्ट में लगाया जाएगा, जबकि शेष राशि को कॉर्पोरेट कार्यों में उपयोग किया जाएगा। यह विभाजन निवेशकों को स्पष्ट दिखाता है कि कंपनी अपने फंड को कैसे प्रॉडक्टिवली उपयोग करेगी। लिस्टिंग के बाद प्री‑मार्केट प्रीमियम में उल्लेखनीय वृद्धि देखी गई, जहां ग्रे मार्केट में 14% तक पहुँचा, जो कि निवेशकों के उत्साह को दर्शाता है। इस प्रकार, IPO न केवल इक्विटी ऑप्शन प्रदान करता है, बल्कि कंपनी की भविष्य की ग्रोथ स्ट्रेटेजी को भी समर्थन देता है। यदि कंपनी अपने उत्पादन लक्ष्य को हासिल करती है, तो वह भारत के शीर्ष तीन सोलर मॉड्यूल निर्माताओं में स्थान बना लेगी। यह न केवल केम्पनी के लिए, बल्कि पूरी इंडस्ट्री के लिए एक टर्बोचार्ज्ड इंट्रॉडक्शन होगा। अंत में, यह कहा जा सकता है कि ऐसी बड़ी ओवरसब्सक्रिप्शन दरें निवेशकों के विश्वास का सूचक हैं, और आगे के वर्ष में कंपनी को मजबूत फंडामेंटल्स के साथ फ़्लाइट लाने की संभावना बढ़ी हुई है।

अक्तूबर 21, 2025 AT 17:39
jitha veera
jitha veera

इतनी बड़ी ओवरसब्सक्रिप्शन के पीछे क्या सिर्फ मार्केट मैनिपुलेशन नहीं है? QIB जैसी बड़ी संस्थाएं अक्सर कीमत को एजिंग कर देती हैं, फिर खुद को ही बैंकर बना लेती हैं। यह सब देख कर लगता है कि आम निवेशक हमेशा बोझिल रह जाता है।

अक्तूबर 28, 2025 AT 15:19
Sandesh Athreya B D
Sandesh Athreya B D

ओह माय गॉड, ऐसे IPO में तो सारा पैसा लाइट बल्ब में बदल के चमकना चाहिए था! 😂

नवंबर 4, 2025 AT 13:59
Jatin Kumar
Jatin Kumar

सच में, इस तरह की क्रियाशीलता भारतीय सौर उद्योग को नई दिशा देगी 😊
आशा है कि फेज‑II भी इसी उत्साह से आगे बढ़ेगा।

नवंबर 11, 2025 AT 12:39
Anushka Madan
Anushka Madan

ऐसे बड़े IPO में आम जनता को अक्सर पीछे धकेला जाता है।

नवंबर 18, 2025 AT 11:19
nayan lad
nayan lad

सही कहा, लेकिन इस मौके पर छोटे निवेशक भी अपना हिस्सा ले सकते हैं। न्यूनतम 14,940 रुपये की राशि से प्रवेश संभव है, जो एक सकारात्मक संकेत है।

नवंबर 25, 2025 AT 09:59
Govind Reddy
Govind Reddy

ऊर्जा संक्रमण का मार्ग एक सतत विचारधारा से तय होता है; जब कंपनियां इस दिशा में कदम उठाती हैं, तो समाज का समग्र परिवर्तन शीघ्र होता है।

दिसंबर 2, 2025 AT 08:39
KRS R
KRS R

बहुत बढ़िया, लेकिन याद रखो कि इस तरह की हाई‑डिमांड में अक्सर वैल्यू एरॉज होती है। थोड़ी सतर्कता रखनी चाहिए।

दिसंबर 9, 2025 AT 07:19
Zubita John
Zubita John

कम्पनी ने IPO से जुटाई फंड को सही तरीके से डिप्लॉय किया तो ग्रोथ स्पीड बढ़ेगी। फेज‑I में CAPEX का बड़ा हिस्सा है, जबकि बाकी क्लोज‑ऑफ ऑपरेशन्स के लिए रखा गया है। अगर सही मैनेजमेंट प्लान फॉलो किया तो शेयरहोल्डर वैल्यू में इजाफा होगा।

दिसंबर 16, 2025 AT 05:59
gouri panda
gouri panda

वास्तव में, इस IPO ने ऐसा लहर पैदा किया है कि हर कोई इस पर च चर्चा कर रहा है! लेकिन यही तो चाहिए, सौर इंडस्ट्री के लिए बूम का साउंड! 🚀

दिसंबर 23, 2025 AT 04:39
Harmeet Singh
Harmeet Singh

ऊर्जा की दिशा में यह परिवर्तन हमें केवल आर्थिक नहीं, बल्कि सामाजिक लाभ भी देगा। अगर हम इस मोमेंटम को सही दिशा में चैनल करें तो भविष्य में हर घर सौर ऊर्जा से चल सकता है।

दिसंबर 30, 2025 AT 03:19

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